कुरु


     कुरु :---

वैदिक साहित्य में उल्लिखित एक प्रसिद्ध चंद्रवंशी राजा था।
कुरु के पिता का नाम संवरण तथा माता का नाम तपती था।
शुभांगी तथा वाहिनी नामक इनकी दो स्त्रियां थीं।
वाहिनी के पांच पुत्र हुए जिनमें कनिष्ठ का नाम जन्मेजय था
जिसके वंशज धृतराष्ट्र और पांडु हुए। सामान्यत: धृतराष्ट्र की
संतान को ही 'कौरव' संज्ञा दी जाती है, पर कुरु के वंशज
कौरव-पांडव दोनों ही थे।
पपंचसूदनी- नामक ग्रंथ में वर्णित अनुश्रुति के अनुसार इलावंशीय कौरव, मूल रूप से हिमालय 
के उत्तर में स्थित प्रदेश (या उत्तरकुरु) के रहने वाले थे। कालांतर में उनके भारत में आकर बस 
जाने के कारण उनका नया निवास स्थान भी कुरु देश ही कहलाने लगा।

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