वार्तिकं




वार्तिकम्

सूत्रे उक्तानुक्तदुरुक्तानां विचारेण सह न्यूनताया अपाकरणाय उक्तं लघुवाक्यमं वार्तिकम् इत्युच्यते।

"उक्तानुक्तदुरुक्तानां चिन्ता यत्र प्रवर्तते।
तं ग्रंथं वार्तिकं प्राहुः वार्तिकज्ञा विचक्षणा"॥

पाणिनीय सूत्रों की कमियों को पूरा करने के लिये कात्यायन ने जिन सूत्रों की रचना की,उन्हें"वार्तिक"कहते हैं।

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