ययाति
ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ऋषि के कुल में ययाति हुए जिनके पांच पुत्र थे- यदु, तुर्वसु, द्रुह्यु, अनु और पुरु।
ययाति के बाद इन पांचों ने संपूर्ण धरती पर राज किया और अपने कुल का दूर-दूर तक विस्तार किया।
आगे चलकर ये ही वंश यादव, तुर्वसु, द्रुह्यु, आनव और पौरव कहलाए।
ऋग्वेद में इन्हीं को पंचकृष्टय: कहा गया है।
ययाति के पुत्र यदु से यदु कुल चला। यदु खुद एक प्रतापी और चक्रवर्ती सम्राट थे।
ययाति के दूसरे पुत्र पौरव से पौरव कुल चला जिसमें कई प्रतापी राजा हुए।
परीक्षित और जन्मेजय पौरव कुल से ही थे।
0 टिप्पणियाँ